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PUBG- players unknown battleground, PUBG गेम क्या है।

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PUBG- players unknown battleground आजकल का बहुप्रतीक्षित गेम PUBG युवाओं में बहुत प्रचलन है आजकल की युवा पीढ़ी इस गेम के पीछे न कुछ काम कर पा रही है ना ही उनके रहन-सहन का ढंग सही रह गया है। PUBG- गेम की वजह से युवा रात भर सो नहीं रहा है बहुत दिन में ही नहीं रात भर भी स्कीम के पीछे पागल हो रहा है Google         कई सारे युवाओं को तो इस गेम का पूरा नाम भी पता नहीं होगा। केबीसी में अमिताभ बच्चन द्वारा पूछे गए प्रश्न से युवाओं ने गूगल पर सर्च किया होगा पब्जी का पूरा नाम। क्या है PUBG गेम Google        यह एक मल्टीप्लेयर गेम है जिसमें 100 प्लेयर खेलते हैं चीन सबको पैराशूट की मदद से एक आईलैंड में उतारा जाता है जहां पर इन सबको सरवाइव करना पड़ता है प्लेयर को सबसे पहले उस आईलैंड के घरों में जरूरत के सामान लूटना पड़ता है। हर प्लेयर का एक ही मकसद होता है लास्ट तक सरवाइव करना और जो प्लेयर लास्ट तक सरवाइव कर जाता है उसको मिलता है चिकन डिनर। सामान्यतः यह गेम मैं 100 प्लेयर खेलते हैं। और उनको लास्ट तक सरवाइव करना पड़ता है जो लास्ट तक सरवाइव कर ज...

मातृभाषा का महत्व ,mother tongue

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जिस भाषा को मनुष्य स्वाभाविक अनुकरण द्वारा बाल्यकाल से सीखता है उसे हम उसकी मातृभाषा कहते हैं इसी बात को हम दूसरे शब्दों में यह कह सकते हैं कि जिस भाषा को हम माता की गोद में सीखते हैं वह हमारी मातृभाषा हो सकती है या मातृभाषा है  क्यों है मातृभाषा का महत्व मातृभाषा शब्दों में माता शब्द का अधिक महत्व दिया गया है और यह उचित भी है।यद्यपि हमारे जन्म का कारण माता और पिता दोनों ही हैं इसलिएह शरीर में अधिकांश भाग माता का होने से एवं उसके द्वारा हमारा भरण पोषण होने के कारण माता की ही महत्ता ज्यादा होती है इसलिए जन्म जन्मभूमि को मातृभूमि कहते हैं पित्र भूमि नहीं अमेरिका जर्मनी रूस आदि देशों में चाहे जो कुछ भी हो किंतु भारतवर्ष में ऐसा ही कहते हैं भारतवर्ष में माता शब्द को बढ़ा पवित्र माना गया है माता शब्द में एक साथ स्नेह और आदर का भाव होता है माता शब्द के सुनते ही इन भाव की जागृति हो जाती है और एक आनंद का अनुभव होने लगता है मातृभाषा के साथ भी यही भाव लगे हुए हैं हमारा प्रारंभिक ज्ञान मातृभाषा द्वारा ही होता है और हम अपने भावी ज्ञान को भी वह हमें चाहे जिस भाषा द्वारा प्राप्त हो...

पूरी कहानी

कहां से शुरू करूं पता नी चल रहा। कल की अधूरी बात से पूरा करना चाहूंगा। सरकार की नीतियों के कारण हमारा जूनियर हाई स्कूल और गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ाई एक साथ होने थी। हमारे जूनियर हाई स्कूल में 3 गुरुजी और एक मैडम थी। दोनों स्कूल एक हो जाने के बाद सभी की पढ़ाई साथ होने लगी पहले हम लड़के ही सारी क्लास में रहते थे अब लड़कियां और लड़कों ने साथ में पढ़ना था। पहले पहले मुझे बहुत खराब लगा मुझे ही नहीं कई लड़कों को। कई लड़कों को सायाद अच्छा भी लगा होगा क्योंकि वो अब लड़कियों के साथ पहली बार पढ़ने वाले थे। वैसे 8th पास करके सब उसी स्कूल में पढ़ते थे जहां हम स्कूल हम 6th में ही आ गए थे अब वहां बहुत सारी मैडम थी। हर क्लास के लिए अलग मैडम आती थी। 6th में हम 42 बच्चे हो गए थे कोई किसी स्कूल से तो कोई किसी स्कूल से पढ़के आया था। मैने इतने सारे बच्चों के साथ पहली बार पढ़ाई कर रहा था। मैडम कुछ पूछ देती तो इतने सारे बच्चों के सामने बोलने का कॉन्फिडेंस था ही नहीं। कई लड़के या लड़कियों का कॉन्फिडेंस काफी अच्छा था क्यूंकि वो सयाद उन स्कूलों से आए थे जहां उनके कॉन्फिडेंस में काम किया गया था। अब जैसे जैसे प...